Friday, 4 January 2019

Surya Grahan 2019 : सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2019:सूर्य ग्रहण समय

सूर्य ग्रहण 2019:सूर्य ग्रहण समय, sun eclipse, moon Eclipse,Eclipse 2019

6 जनवरी 2019 को साल का पहला सूर्य ग्रहण (solar eclipse) है. 5 जनवरी की मध्य रात्रि से ही ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी जोकि 6 जनवरी तक रहेगी. ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक़, इस माह में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों देखे जा सकेंगे. हालांकि सूर्य ग्रहण आंशिक होगा और चंद्र ग्रहण पूर्ण होगा. सूर्य ग्रहण रविवार को 6 जनवरी की होगा. इसे उत्तर-पूर्व एशिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में देखा जा सकेगा.

स्नान-दान का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यतानुसार सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण में गंगा स्नान से श्रेष्ठ फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि सूर्य ग्रहण के बाद स्नान और दान करना भी बहुत अच्छा रहता है। इसलिए गेहूं, धान, चना, मसूर दाल, गुड़, चावल,काला कम्बल, सफेद-गुलाबी वस्त्र, चूड़ा, चीनी, चांदी-स्टील की कटोरी में खीर दान से खास लाभ मिलेगा।

इस समय दिखेगा सूर्य ग्रहण:


वैश्विक समय के मुताबिक़, सूर्यग्रहण 23:34:08 बजे से लग जाएगा. अगर हम भारतीय समय के मुताबिक़ इसकी गणना करें तो ये समय 5 बजकर 9 मिनट से शुरू हो जाएगा.

बता दें कि भारत में 26 दिसंबर 2019 को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा. हालांकि इससे पहले 2 और 3 जुलाई को भी सूर्यग्रहण होगा लेकिन इसे भारत से नहीं देखा जा सकेगा.

Surya Grahan 2019

 साल 2019 का प्रथम सूर्य ग्रहण 6 जनवरी दिन रविवार को पड़ेगा। भारतीय समयानुसार सायंकाल 05 बजकर 05 मिनट से रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण है।यह ग्रहण चीन,जापान,कोरिया,रूस इत्यादि कुछ देशों में दिखेगा। भारत में यह ग्रहण दृश्य नहीं है।

सूर्य ग्रहण में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित माना जाता है। हालांकि, इस दिन शनि अमावस्या होने के कारण इस ग्रहण में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करना बहुत ही उत्तम रहेगा

यह ग्रहण धनु राशि पर लगेगा। शनि इस समय धनु में ही गोचर कर रहे हैं। ग्रहण के समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार यह ग्रहण प्रत्येक राशियों को प्रभावित करेगा इसलिए हर राशि के लोग अलग अलग राशि अनुसार उपाय करें।

साल का पहला सूर्य ग्रहण छह जनवरी को पड़ने जा रहा है। यह खण्ड ग्रास सूर्य ग्रहण होगा मतलब भारत में दृश्य नहीं होगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक छह जनवरी की सुबह लगने वाला सूर्य ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से कोई विशेष महत्त्व नहीं होगा पर ग्रहों पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह आंशिक सूर्य ग्रहण उत्तर-पूर्वी एशिया और उत्तरी पैसिफिक देशों में दिखाई देगा। जापान, कोरिया, मंगोलिया, ताइवान और रूस व चीन के पूर्वी छोर के अलावा अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में भी यह ग्रहण दिखेगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण छह जनवरी की भोर में  सुबह 04:05 बजे के लगभग शुरू होगा और 9:18 बजे खत्म हो जाएगा।

सावधानी बरतें

 ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहण का बहुत ज्यादा महत्व है। इसका सीधा मानव जीवन सहित सभी जीव जन्तुओं पर पड़ता है। इसी कारण से गर्भवती महिलाओं,सहित अन्य आवश्यक कार्यो में पालन करना उत्तम होगा।

ग्रहण के समय बनने वाले ग्रहीय योग का मेष से मीन राशि तक प्रभाव:-

मेष राशिभाग्य वृद्धि, पराक्रम, खर्च वृद्धि।
वृष राशिपेट की समस्या ,परश्रिम में अवरोध, पराक्रम व धन वृद्धि।
मिथुन राशिवाणी में तीव्रता, आन्तरिक शत्रु एवं रोग ,सीने की तकलीफ,दाम्पत्य से कष्ट।
कर्क राशिकन्धे एवं कमर का दर्द, विद्या वृद्धि, मनोबल कमजोर भाग्य वृद्धि।
सिंह राशिगृह एवं वाहन सुख वृद्धि,बुद्धि एवं धन वृद्धि,वाणी में तीव्रता।
कन्या राशिसीने की तकलीफ,आंतरिक डर,अध्ययन में अवरोध, दाम्पत्य में तनाव।
तुला राशिधन, पराक्रम और सीने की तकलीफ में वृद्धि, शत्रु विजय।
वृश्चिक राशिधन ,बुद्धि एवं विद्या वृद्धि ,वाणी में तीव्रता,पराक्रम में वृद्धि।
धनु राशिदाम्पत्य में तनाव या अवरोध,पेट व पैर की समस्या, क्रोध में वृद्धि ,मानसिक पीड़ा।
मकर राशिखर्च वृद्धि,मन अशान्त ,पैर में कष्ट ,कन्धे या कमर के दर्द।
कुम्भ राशिआय में वृद्धि ,सम्मान में वृद्धि,वद्यिाध्ययन में अवरोध,वाणी तीव्र,रोग एवं शत्रु का समन।
मीन राशिक्रोध में वृद्धि ,सम्मान एवं परश्रिम में अवरोध ,आय में वृद्धि।

सावधानी बरतें

 ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहण का बहुत ज्यादा महत्व है। इसका सीधा मानव जीवन सहित सभी जीव जन्तुओं पर पड़ता है। इसी कारण से गर्भवती महिलाओं,सहित अन्य आवश्यक कार्यो में पालन करना उत्तम होगा।
-ग्रहण न देखें
-नुकीली चीज का प्रयोग न करें
-कपड़े न सिले अर्थात सुई का प्रयोग न करें
-ग्रहण के दौरान चाकू का प्रयोग न करें
-ग्रहण के बाद स्नान करें
-अपने ईष्ट देव को याद करें

No comments:

Post a Comment